नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एन सी एच एम सी टी)
1. संस्था का नाम
इस संस्था का नाम “नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एन सी एच एम सी टी)” होगा।
2. पंजीकृत कार्यालय
संस्था का पंजीकृत कार्यालय भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली) में स्थित होगा। संस्था अपनी आवश्यकता के अनुसार देश के अन्य स्थानों पर अतिरिक्त कार्यालय, परिसर, या प्रशासनिक इकाइयाँ भी स्थापित कर सकती है।
3. संस्था के उद्देश्य (Aims and Objectives)
यह संस्था होटल प्रबंधन, कैटरिंग टेक्नोलॉजी, फूड मैनेजमेंट, एप्लाइड न्यूट्रिशन तथा संबंधित क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन, प्रबंधन और उन्नति के उद्देश्य से स्थापित की गई है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
3.1 शैक्षिक विकास एवं समन्वय (Academic Development & Coordination)
- विभिन्न प्रकार के अध्ययन, अनुसंधान, प्रशिक्षण, स्नातक, स्नातकोत्तर तथा विशेष पाठ्यक्रमों के निर्माण, मार्गदर्शन और समन्वय करना।
- हॉस्पिटैलिटी, कैटरिंग, फूड मैनेजमेंट, एप्लाइड न्यूट्रिशन तथा अन्य संबद्ध कौशलों में शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
3.2 संस्थानों का संबद्धता एवं पाठ्यक्रम निर्धारण
- संबद्ध संस्थानों को पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियाँ, शैक्षिक नियम और परीक्षा स्वरूप निर्धारित करना।
- परिषद द्वारा संचालित परीक्षाओं हेतु अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करना।
3.3 कार्मिक प्रबंधन (Staff Recruitment & Deployment)
- समूह 'A' के पदों पर केंद्रीकृत भर्ती और नियुक्ति करना।
- केंद्र सरकार द्वारा स्थापित होटल प्रबंधन संस्थानों के लिए योग्य कर्मचारियों का एक सामान्य पूल बनाए रखना।
3.4 अवसंरचना मानक निर्धारण
संबद्ध संस्थानों के लिए निम्नलिखित मानक निर्धारित करना:
- भवन एवं परिसर
- प्रशिक्षण प्रयोगशालाएँ
- कक्षा-कक्ष एवं उपकरण
- पुस्तकालय एवं डिजिटल संसाधन
3.5 शिक्षकों एवं कर्मचारियों की योग्यता
- भर्ती, प्रशिक्षण, और पदोन्नति हेतु शैक्षिक योग्यता निर्धारित करना।
- आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को भारत या विदेश में उन्नत प्रशिक्षण हेतु भेजना।
3.6 विद्यार्थियों के प्रवेश मानदंड
संबद्ध संस्थानों में प्रवेश के लिए योग्यता और पात्रता मानदंड निर्धारित करना।
3.7 प्रवेश प्रक्रिया का विनियमन
विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया तथा विधि निर्धारित करना।
3.8 परीक्षा संचालन
परिषद द्वारा संचालित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को सम्मिलित करना।
3.9 प्रमोशन एवं उपाधि परीक्षाएँ
निम्न कक्षा से उच्च कक्षा में प्रमोशन हेतु परीक्षाओं का संचालन।
प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने हेतु परीक्षाएँ आयोजित करना।
3.10 परीक्षा परिणाम घोषित करना
परिषद द्वारा आयोजित परीक्षाओं के परिणाम प्रकाशित करना।
3.11 उपाधि प्रदान करना
निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, और डिग्री प्रदान करना।
3.12 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सरकारी संस्थाओं, स्वायत्त निकायों, विश्वविद्यालयों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों एवं उद्योग के साथ सहयोग करना:
- शैक्षणिक विकास
- प्रशिक्षण
- प्लेसमेंट
- शोध
- पाठ्यक्रम उन्नयन
3.13 हॉस्पिटैलिटी उद्योग का विकास
होटल, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन और कैटरिंग उद्योग के शैक्षिक एवं पेशेवर हितों को बढ़ावा देना।
3.14 व्यावसायिक मानक एवं मान्यता
उद्योग में कार्यरत व्यक्तियों की व्यावसायिक योग्यता का परीक्षण एवं प्रमाणन हेतु नियम और उपनियम बनाना।
3.15 सरकार को परामर्श प्रदान करना
होटल प्रबंधन और कैटरिंग टेक्नोलॉजी शिक्षा के समन्वित विकास पर सरकार को सलाह देना।
3.16 कानूनी अधिकार
संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आवश्यक सभी वैध कार्य करना।
3.17 संपत्ति का अधिग्रहण एवं प्रबंधन
संपत्ति का अधिग्रहण, धारण, लीज पर देना या बेचना (अचल संपत्ति हेतु भारत सरकार की पूर्वानुमति आवश्यक)।
3.18 संपत्ति का संचालन
संस्था को सौंपे गए संसाधनों का प्रबंधन और उपयोग उसके लक्ष्यों के अनुरूप करना।
3.19 धनराशि उधार लेना
संस्था की आवश्यकताओं हेतु सुरक्षा सहित या बिना सुरक्षा के ऋण लेना।
3.20 प्रकाशन
पुस्तकों, जर्नल्स, मैगज़ीन, समाचार पत्र, अनुसंधान पत्र, मैनुअल, पोस्टर एवं प्रचार सामग्री का प्रकाशन एवं प्रसार करना।
4. वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)
4.1 केंद्रीय निधि का निर्माण
संस्था एक केंद्रीय निधि बनाएगी, जिसमें निम्नलिखित स्रोतों से प्राप्त धन जमा होगा:
a) भारत सरकार एवं अन्य सरकारों/संस्थानों से प्राप्त धन
b) संस्था द्वारा प्राप्त फीस एवं शुल्क
c) अनुदान, उपहार, दान, वसीयत, ट्रांसफर आदि
d) अन्य वैध स्रोतों से प्राप्त आय
4.2 निधि का उपयोग
धनराशि को:
- अनुमोदित बैंकों में जमा किया जाएगा, या
- संस्था द्वारा अनुमत तरीके से निवेश किया जाएगा।
4.3 वित्तीय उपकरणों का उपयोग
संस्था चेक, नोट, ड्राफ्ट और अन्य विनिमेय दस्तावेजों को जारी, स्वीकार, और निष्पादित कर सकती है।
4.4 व्यय
संस्था निम्नलिखित मदों पर व्यय कर सकती है:
- प्रशासन
- शैक्षिक गतिविधियाँ
- वेतन और भत्ते
- अवसंरचना
- प्रशिक्षण
- कर, किराया, उपयोगिताएँ
- अन्य आवश्यक व्यय
5. भारत सरकार का पर्यवेक्षण (Government Oversight)
5.1 सरकारी निदेश
भारत सरकार संस्था के सुचारु संचालन हेतु निर्देश जारी कर सकती है, जिनका पालन करना संस्था के लिए अनिवार्य होगा।
5.2 समीक्षा और जांच
भारत सरकार:
- संस्था के कार्यों की समीक्षा
- जांच
- रिपोर्ट तैयार करने हेतु व्यक्तियों की नियुक्ति कर सकती है।
संस्था सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करेगी।
6. आय और संपत्ति का उपयोग
संस्था की आय और संपत्ति का उपयोग केवल उसके उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाएगा।
कोई भी आय:
- लाभ
- बोनस
- डिविडेंड
के रूप में संस्था के सदस्यों में वितरित नहीं की जाएगी।
किन्तु, सेवाओं के बदले में उचित पारिश्रमिक, यात्रा भत्ता, या अन्य व्यय का भुगतान किया जा सकता है।
7. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के वर्तमान सदस्यों के नाम, पते और पदनाम —
जिन पर संस्था का प्रबंधन एवं संचालन निहित है —
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 (पंजाब संशोधन अधिनियम, 1957) के अनुसार सूचीबद्ध किए जाएंगे।